Spices Price Hike: देश में महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ रखी है। एक तरफ सब्जी की महंगाई ने पहले ही लोगों का बुरा हाल कर रखा है, तो वहीं अब खबर आ रही है, कि पिछले कुछ महीनों में मसालों की दरों (Spices Price Hike) में काफी उछाल देखने को मिला है। देश में टमाटर अभी हफ्ते भर पहले ही सोने के भाव बिक रहे थे। हालांकि अभी भी टमाटर व अन्य सब्जियों के रेट में इतनी गिरावट देखने को नहीं मिली है। ऐसे में अब बढ़ते मसालों के रेट ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए हैं। अब कहा यह जा रहा है, कि मसालों के रेट बढ़ने की वजह से सीधा असर रसोई घर पर पड़ने वाला है। खबरों की मानें तो मसालों में जीरा, हल्दी, धनिया, बड़ी इलायची, छोटी इलायची, सौंफ, लाल मिर्च इत्यादि चीजों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं इस मामले पर दुकानदारों और व्यापारियों ने बताया कि आगे आने वाले दिनों में और मसालों की दरों (Spices Price Hike) में और उछाल देखने को मिल सकता है। आइए जानते है, कि पिछले कुछ महीनों में मसालों के रेट क्या थे और अभी वर्तमान में क्या है?
मसालों के दामों ने जनता का छुड़ाया पसीना
खबरों की मानें तो मामलों में जीरा सबसे अहम होता है। हर कोई दाल का स्वाद लेने के लिए जीरे का तड़का लगाता है। ऐसे में अब जनता को सोचना होगा, कि वह अपने किचन में जीरा रख पाएगी या नहीं। बता दें कि जीरा के दाम में पिछले कुछ महीनों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है। कुछ महीने पहले जीरा खुदरा बाजारों में 200-300 रुपए प्रति किलो था वह अब बढ़कर 700 के आसपास पहुंच गया है।
वहीं लगभग हर एक पकवान में पड़ने वाली हल्दी ने भी अपना खूब रंग जमाया है। हल्दी बाजारों में पिछले 13 सालों में अपने सबसे महत्तम ऊँचाई पर है। खबरों की मानें तो सिर्फ एक महीने के भीतर हल्दी के दामों में 42 फ़ीसदी का इजाफा देखा गया है। जबकि 3 महीनों के अंदर हल्दी के दामों में 76 % (प्रतिशत) की बढ़ोतरी देखी गई है।
यही हाल कुछ लाल मिर्च का है, पहले खुदरा बाजार में लाल मिर्च 150 रुपए प्रति किलो के आसपास थी, लेकिन अब खबरों की मानें तो इसका मूल्य कहीं-कहीं 280 रुपए किलो हो गया है। इसके अलावा कश्मीरी मिर्च जो पहले 300-500 रुपये प्रति किलो के दर पर मिलती थी वो अब 500-700 रुपये प्रति किलो के रेट से मिल रही है।
इसके अलावा सौंफ 250 रुपए से बढ़कर 500 रुपए प्रति किलो के आसपास पहुंच गया है। इलायची 1000 से बढ़कर 1300 रुपए प्रति किलो के पार पहुंच गई है।
मसालों के बढ़ते दामों को लेकर किसानों और कारोबारियों का क्या है कहना
मसालों के बढ़ते दामों को देखकर एक तरफ किसान भाई खुश नजर आ रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ इस मामले पर व्यापारियों का कहना है, कि मसाले तरबूज की बीज से तैयार किए जाते हैं। ऐसे में बारिश ने इस बार फसल किसानों की ख़राब कर दी। वहीं इस बार तरबूज के बीज का भारी मात्रा में एक्सपोर्ट इस साल किया गया है। ऐसे में अब देश में मसालों के प्रोडक्शन पर असर देखने को मिल रहा है। यही कारण है, कि इस बार मसालों ने अपने सारे रिकार्ड्स तोड़ दिए हैं।
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