Happy Teachers Day 2024: हर साल भारत में 5 सितंबर को शिक्षक दिवस (Happy Teachers Day 2024) के रूप में मनाया जाता है। मालूम हो कि यह भारत के पहले उपराष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 में हुआ था। वह एक अत्यधिक सम्मानित भारतीय दार्शनिक, राजनीतिज्ञ और राजनेता थे। वहीं शिक्षक दिवस के अवसर पर पीएम मोदी, गृहमंत्री अमित शाह समेत कई लोगों ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी है। हम आज आपको डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के 10 मशहूर संदेश के बारे में बताएंगे।
पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं
बता दें कि पीएम मोदी अभी सिंगापुर के दौरे पर है। इसी दौरान उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि
“शिक्षक दिवस पर शुभकामनाएं, यह युवा दिमाग को आकार देने वाले सभी शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त करने का अवसर है। डॉ. राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि” (Happy Teachers Day 2024)।
गृह मंत्री अमित शाह ने दी शुभकामनाएं
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि
“TeachersDay पर मैं उन सभी शिक्षकों को नमन करता हूं जो न केवल अपने छात्रों के जीवन का निर्माण करते हैं बल्कि एक महान राष्ट्र के निर्माण में भी अमूल्य योगदान देते हैं। भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर, मैं भारत के पूर्व राष्ट्रपति को नमन करता हूं और हमारे सभी कड़ी मेहनत करने वाले शिक्षकों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं”।
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के 10 प्रमुख संदेश
- ईश्वर हममें से हर एक में और समय के साथ रहता है, महसूस करता है और पीड़ित होता है।
- सच्चे शिक्षक वे हैं जो हमें अपने बारे में सोचने में मदद करते हैं।
- ज्ञान हमें शक्ति देता है, प्रेम हमें पूर्णता देता है।
- मेरा जन्मदिन मनाने के बजाय यदि 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो यह मेरा गौरवपूर्ण सौभाग्य होगा।
- जब हम सोचते हैं कि हम जानते हैं तो हम सीखना बंद कर देते हैं।
- सच्चा धर्म एक क्रांतिकारी शक्ति है, यह उत्पीड़न, विशेषाधिकार और अन्याय का कट्टर दुश्मन है।
- शिक्षा का अंतिम उत्पाद एक स्वतंत्र, रचनात्मक व्यक्ति होना चाहिए जो ऐतिहासिक परिस्थितियों और प्रकृति की प्रतिकूलताओं से लड़ सके।
- किताबें वे साधन हैं जिनके द्वारा हम संस्कृति के बीच पुल बनाते हैं।
- एक छोटा सा इतिहास बनाने में सदियाँ लग जाती हैं, एक परंपरा बनाने में सदियों इतिहास लग जाता है।
- शिक्षक वो नहीं जो छात्र के दिमाग में तथ्यों को जबरन डाले, बल्कि वास्तविक शिक्षक वो है जो उसे आने वाले कल की चुनौतियों के लिए तैयार करे।